आ रहा है ‘दितवाह तुफान’..यहा भारी बारीश का अलर्ट ; समुद्री तूफान ‘दत्त्वा’ धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है और तमिलनाडु के तटों के समानांतर चल रहा है। यह अगले 24 घंटों के भीतर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों (चेन्नई और नेल्लोर के आसपास) के करीब पहुंचने के बाद कमजोर होकर ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल जाएगा। इस प्रणाली का सबसे अधिक असर दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत पर दिखाई देगा।
आज (29 नवंबर) तमिलनाडु के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों, केरल, पुदुचेरी, और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक (बेंगलुरु सहित) में कई स्थानों पर भारी बारिश और तूफानी हवाओं की संभावना है, जिसके चलते समुद्री गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया है। आंध्र प्रदेश के तटीय और रायलसीमा क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। 1 दिसंबर से बारिश की तीव्रता कम होगी, लेकिन विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण-गोवा और छत्तीसगढ़/ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों तक नमी वाले बादल पहुंच सकते हैं।
उत्तर और मध्य भारत में मौसम कमजोर होने के बावजूद, तूफान ‘दत्त्वा’ बंगाल की खाड़ी से नमी खींचकर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक बादल पहुंचाएगा। ये बादल पूर्वी गुजरात और पूर्वी राजस्थान तक भी नजर आएंगे। हालांकि, इन मध्य और उत्तरी राज्यों में इस तूफान से बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम शुष्क बना रहेगा। इस समय उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, और मध्य प्रदेश सहित कई मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे कड़ाके की ठंड महसूस हो रही है।
आगामी पश्चिमी विक्षोभ और ठंडक पहाड़ों पर फिलहाल कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं है, लेकिन 2 से 8 दिसंबर के बीच एक नए पश्चिमी विक्षोभ की संभावना है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, और उत्तराखंड के ऊपरी क्षेत्रों (गिलगित-बाल्टिस्तान, लद्दाख, कश्मीर) में बर्फबारी होने के आसार हैं। यह ताज़ा बर्फबारी उत्तर की ठंडी हवाओं को और अधिक बल देगी। नतीजतन, 8 या 9 दिसंबर के बाद पटना, रांची, भोपाल, नागपुर, मुंबई, और अहमदाबाद जैसे मध्य एवं पूर्वी क्षेत्रों में भी ‘गलन वाली’ ठंडक में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है।